35वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस बार नहर पार की कई कालोनियों की महिलाओं की.. और से जूट के पर्यावरण संरक्षण टुकड़ों से तैयार आकर्षक बैग की मार्केटिंग का मौका मिलेगा। महिलाओं के ईको फ्रेंडली प्रोडक्ट की यहां बिक्री होगी। धरती मां ट्रस्ट की ओर से पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत चल रही प्रशिक्षण कार्यशालाओं में सेहतपुर, कृष्णा कालोनी, पल्ला, अगवानपुर तथा बसंतपुर की कई महिलाएं इन दिनों जूट बैग बना रही हैं। वस्त्र मंत्रालय ने धरती मां ट्रस्ट की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए मेला में स्टाल लगाने को आमंत्रित किया है।


